1. Hindi News
  2. उत्तर प्रदेश
  3. राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में SIT की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी गई, 8 नामजद समेत अन्य के खिलाफ दर्ज है FIR

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में SIT की फाइनल रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी गई, 8 नामजद समेत अन्य के खिलाफ दर्ज है FIR

 Reported By: Ruchi Kumar Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Aug 18, 2026 06:37 am IST,  Updated : Aug 18, 2026 06:56 am IST

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी का विवाद काफी गर्माया हुआ है। पुलिस की टीम एवं जांच एजेंसियां आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं।

अयोध्या राम मंदिर- India TV Hindi
अयोध्या राम मंदिर Image Source : PTI

अयोध्या चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के साथ विशेष जांच दल (SIT) की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में हस्तक्षेप से पहले बनी एसआईटी ने तैयार कर शासन को सौंपी थी। एसआईटी का गठन गत 13 जून को ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने किया था।

3 जून को सौंपी गई थी प्रारंभिक रिपोर्ट

लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बनी इस तीन सदस्यीय एसआईटी में आईजी रेंज किरण एस. तथा विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। एसआईटी ने 23 जून को शासन को अपना प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपा थी, जिसमें कई कठोर संस्तुतियां की गई थीं।

25 जून को दर्ज हुई थी पहली FIR

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। 

इन धाराओं में आरोपियों के खिलाफ दर्ज है मामला

आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। 

सुप्रीम कोर्ट का था सख्त आदेश

वहीं, इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) से कहा कि वह अपनी जांच तेजी से पूरी करे और उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाए। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच में हुई प्रगति पर अपनी वस्तुस्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करे। 

सीजेआई की पीठ ने कहा, 'एसआईटी, जिसमें एक फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल है, सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में वस्तुस्थिति रिपोर्ट सौंपेगी। पहले हम इस रिपोर्ट को देखेंगे और तय करेंगे कि इसे सभी पक्षों को जारी करना है या नहीं।'

ये भी पढ़ें: 

गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण 5वीं बार बदला गंगा आरती का स्थान, दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। उत्तर प्रदेश से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।